भारत बना MTCR का पूर्ण सदस्य, जानिये क्‍या होंगे इसके फायदे

भारत सोमवार को मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) का पूर्ण सदस्य बन गया है। तीन दिनों पहले एनएसजी की सदस्यता पाने में मिली असफलता के बाद किसी बहुपक्षीय निर्यात नियंत्रण व्यवस्था में भारत प्रवेश करेगा। चीन और कुछ अन्य देशों के तीव्र विरोध के कारण भारत एनएसजी का सदस्य नहीं बन सका था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि पिछले वर्ष इसके लिए अर्जी दी गई थी। सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है और सोमवार को विदेश सचिव एस जयशंकर फ्रांस, नीदरलैंड और लक्समबर्ग के राजदूतों की मौजूदगी में दस्तावेज पर दस्तखत करेंगे।

जानिए, क्या है एमटीसीआर

1987 में समूह सात देशों सहित 12 विकसित देशों ने मिलकर अाणविक हथियार से युक्त प्रक्षेपास्त्रों के प्रसार को रोकने के लिए एक समक्षौता किया था जिसे मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) कहते हैं।

अप्रैल 1987 में स्थापित स्वैच्छिक एमटीसीआर का उद्देश्य बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र तथा अन्य मानव रहित आपूर्ति प्रणालियों के विस्तार को सीमित करना है जिनका रसायनिक, जैविक और परमाणु हमलों में उपयोग किया जा सकता है।

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